-
832
छात्र -
713
छात्राएं -
48
कर्मचारीशैक्षिक: 45
गैर-शैक्षिक: 3
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

विद्यालय के बारे में
उत्पत्ति
वर्ष 1983 में भारतीय वायु सेना, जोधपुर द्वारा प्रायोजित एक रक्षा क्षेत्र विद्यालय के रूप में स्थापित, यह संस्थान, केंद्रीय विद्यालय संगठन, नई दिल्ली के संरक्षण और प्रशासन के तहत, भारत और विदेशों में 1256 केंद्रीय विद्यालयों में से एक है, जो एक स्वायत्त निकाय है। मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय, भारत सरकार।
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है साथ ही शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है तथा स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करना ....
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने और स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में गति निर्धारित करने के लिए शिक्षा में प्रयोग और नवीनता को शुरू करने और बढ़ावा देने के लिए...
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
श्री संजीत कुमार
उपायुक्त
विज्ञान एवं तकनीक के वर्तमान परिवेश में केन्द्रीय विद्यालय संगठन अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्शा रहा है। उसकी यह निरंतरता व्यक्तित्व के बहुआयामी विकास का मार्ग प्रशस्त कर उसे समग्रता की ओर उन्मुख करती है। केन्द्रीय विद्यालयों की शिक्षा उदारता से अनुप्राणित, ज्ञान की गहराई, चरित्र की संस्कृति एवं व्यक्तित्व की पूर्णता का अद्भुत सम्मिश्रण है। केन्द्रीय विद्यालयों ने विद्यार्थियों हेतु विविध क्षेत्रों में अपनी क्षमताएं एवं उत्कृष्टता साबित करने हेतु अनेकानेक अवसर प्रदान करने में अग्रणी पहल की है। विद्यार्थी इन विविध गतिविधियों के माध्यम से स्वयं को अभिव्यक्त कर आत्मविश्वास से सराबोर रहता है। केन्द्रीय विद्यालय संगठन के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी सकारात्मक सोच, अप्रतिम कर्तव्यनिष्ठता, आस्था एवं लगन से प्रत्येक कार्य को तन्मयता से कर अपनी कर्म निष्ठता का परिचय देते हैं साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रम की नवीनतम तकनीक से भी अद्यतन रहते हैं। पल पल बदलते विशिष्ट क्षेत्रों को शिक्षा जगत से जोड़ना और अपने विद्यार्थियों को ज्ञानार्जन के अनेकानेक सोपानो पर आरोहण करना व लक्ष्य प्राप्ति हेतु सतत प्रयास करना हमारा उद्देश्य है। मैं हृदय के अंतः स्थल से जयपुर संभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्यों, शैक्षिक एवं गैर शैक्षिक कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के सतत प्रयासों के लिए साधुवाद देता हूँ जो प्रत्येक क्रियाकलाप को आगे बढ़ाने में अपनी महत्ती भूमिका निभा रहे हैं। आपके सहयोग से यह प्रयास अवश्य सफलीभूत होगा तथा सही दिशा में अवस्थित हो सकेगा ऐसा मेरा विश्वास है। ईश्वर हमें शक्ति दे कि हम अपनी एकनिष्ठता व सार्थक ऊष्मा से आप्लावित हो समाज को श्रेष्ठतम दे सकें। “कर्म का वाहन जहाँ तक चल सके साधना में लीन हो गाते रहो प्राण का दीपक जहाँ तक जल सके विश्व में आलोक फैलाते रहो” जय हिन्द श्री संजीत कुमार उपायुक्त के. वि. सं., जयपुर संभाग
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श्री गजेंद्र जोशी
प्राचार्य
एक शैक्षणिक संस्थान होने के नाते हम इस आंदोलन के मशाल वाहक हैं। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नंबर 2 एएफएस, जोधपुर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने और छात्रों में मानवीय मूल्यों को विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा मानना है कि एक बच्चे की जन्मजात शक्तियों और क्षमता को पर्याप्त मात्रा में जोखिम, अवसर और सराहना के माध्यम से पहचाना और पोषित किया जा सकता है। हम उन्हें सभी संभावनाएं प्रदान करने का वादा करते हैं क्योंकि हम खुद को केंद्रीय विद्यालय संगठन की छात्र अनुकूल इकाई मानते हैं। मलाला यूसुफजई ने कहीं उद्धृत किया था कि "एक बच्चा, एक शिक्षक, एक कलम और एक किताब दुनिया को बदल सकती है" और हम खुद को उपरोक्त उद्धरण के साथ गहराई से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं क्योंकि हम अपने संस्थान में सभी बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा का आश्वासन देते हैं। हम सभी अभिभावकों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि हम उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। गजेंद्र जोशी प्रधानाचार्य
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10 वीं कक्षा
12वीं कक्षा
विद्यालय का परीक्षा परिणाम
वर्ष 2025-26
उपस्थित 116 उत्तीर्ण 116
वर्ष 2024-25
उपस्थित 112 उत्तीर्ण 112
वर्ष 2023-24
उपस्थित 115 उत्तीर्ण 115
वर्ष 2022-23
उपस्थित 112 उत्तीर्ण 111
वर्ष 2025-26
उपस्थित 87 उत्तीर्ण 87
वर्ष 2024-25
उपस्थित 87 उत्तीर्ण 87
वर्ष 2023-24
उपस्थित 77 उत्तीर्ण 77
वर्ष 2022-23
उपस्थित 91 उत्तीर्ण 90
वर्ष 2021-22
उपस्थित 101 उत्तीर्ण 101