बंद करे

    कौशल शिक्षा

    पीएम श्री के. वि. क्रमांक 2 ए.एफ.एस. जोधपुर कक्षा IX से X तक के सभी विद्यार्थियों को कौशल शिक्षा (स्किल एजुकेशन) प्रदान कर रहा है। उक्त कक्षाओं के विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) विषय पढ़ाया जा रहा है। विद्यार्थी कौशल शिक्षा के अंतर्गत पायथन प्रोग्रामिंग भाषा सीख रहे हैं। एनईपी 2020 (NEP 2020) के तहत ‘बस्ता रहित दिवस’ (बैगलेस डेज) की आवश्यकता को पूरा करने के लिए हमें समुदाय का भी सहयोग प्राप्त हो रहा है। आज की तेज़-तर्रार और अत्यधिक प्रतिस्पर्धी दुनिया में विद्यार्थियों के लिए कौशल विकास के महत्व को कम करके नहीं आंका जा सकता। केवल पारंपरिक शैक्षणिक ज्ञान पर निर्भर रहना अब पर्याप्त नहीं है। रोज़गार के बदलते परिदृश्य में आगे बढ़ने और एक संतोषप्रद जीवन जीने के लिए विद्यार्थियों को विविध कौशलों को अर्जित करना अत्यंत आवश्यक है।

    कौशल विकास विद्यार्थियों के समग्र विकास की आधारशिला है। शैक्षणिक उपलब्धियों से परे, यह एक बहुमुखी व्यक्तित्व का निर्माण करता है जो जीवन की चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास और सक्षमता के साथ कर सके। जब विद्यार्थी कौशल विकास गतिविधियों में भाग लेते हैं, तो वे अपनी रचनात्मक क्षमता को पहचानते हैं, अपनी प्रतिभा को निखारते हैं और अपने दृष्टिकोण का विस्तार करते हैं। विकास का यह समग्र दृष्टिकोण शारीरिक, भावनात्मक, सामाजिक और बौद्धिक पहलुओं को समाहित करता है, जिससे विद्यार्थी अधिक अनुकूलनशील और बहुमुखी प्रतिभा संपन्न बन पाते हैं।